हमने बोला तो बवाल तय है

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SECL जमुना-कोतमा क्षेत्र में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई

5 कंपनी आवासों एवं एक भूमि से हटाया गया अनधिकृत कब्जा – अनूपपुर।

एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्र में कंपनी प्रबंधन ने बुधवार को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पांच कंपनी आवासों तथा एक कंपनी भूमि से अनधिकृत कब्जा हटवाया। यह कार्रवाई सरकारी स्थान (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत की गई। कार्रवाई के दौरान SECL सुरक्षा बल एवं SISF के जवानों की उपस्थिति में पूरे परिसर को खाली कराया गया। प्राप्त आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार प्रकरण क्रमांक 03/2026 में कंपनी आवास क्रमांक D/136 एवं D/137, माइंस कॉलोनी, जमुना टाउनशिप को अनधिकृत अधिभोग की श्रेणी में पाया गया था। जांच के दौरान यह उल्लेख किया गया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा बिना किसी वैध आवंटन आदेश अथवा सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के वर्ष 2015 से उक्त आवासों में निवास किया जा रहा था। साथ ही कंपनी की विद्युत, जल एवं अन्य सुविधाओं का उपयोग भी किया जा रहा था। मामले में अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी कर संबंधित पक्ष को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया गया था। नोटिस में यह स्पष्ट किया गया था कि क्यों न धारा 5(1) के अंतर्गत बेदखली का आदेश पारित किया जाए तथा अनधिकृत अधिभोग की अवधि के लिए नियमित किराया, दंडात्मक किराया (पेनल रेंट) एवं कंपनी को हुए आर्थिक नुकसान की वसूली की जाए। निर्धारित तिथि तक संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सक्षम अधिकारी द्वारा बेदखली आदेश पारित कर दिया गया। बेदखली आदेश में निर्देश दिया गया था कि आदेश की तिथि से 15 दिनों के भीतर परिसर खाली कर दिया जाए, अन्यथा बलपूर्वक कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित समयसीमा पूर्ण होने के बाद बुधवार को संपदा अधिकारी श्री अजय कुमार (महाप्रबंधक संचालन),
जमुना-कोतमा क्षेत्र के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। इस दौरान आवास क्रमांक D/135, D/136, D/137, DSC/TC/13 एवं DSC/TC/14 सहित एक कंपनी भूमि से कब्जा हटाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमला एवं सुरक्षा बल मौके पर तैनात रहे और पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि कंपनी की परिसंपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Author: Bole To Bawal

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