हमने बोला तो बवाल तय है

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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का बड़ा आंदोलन ऐलान, 21 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी

12 फरवरी से आंदोलन तेज करने की चेतावनी

अनूपपुर!

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन (एटक) ने अपनी 21 सूत्रीय मांगों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रधानमंत्री, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, मुख्यमंत्री तथा जिला कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए 12 फरवरी 2026 से हड़ताल तेज करने की चेतावनी दी गई है।

सरकारी कर्मचारी का दर्जा और बढ़े वेतन की मांग

ज्ञापन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की प्रमुख मांग उठाई गई है। यूनियन ने कार्यकर्ताओं को ₹35,000 और सहायिकाओं को ₹30,000 प्रतिमाह वेतन देने की मांग की है।

मृत्यु पर ₹1 करोड़ बीमा और ग्रेच्युटी भुगतान की मांग

संगठन ने सेवा के दौरान मृत्यु होने पर ₹1 करोड़ का बीमा और आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के 2022 के आदेश का हवाला देते हुए ग्रेच्युटी का शीघ्र भुगतान करने की बात कही है।

65 वर्ष सेवानिवृत्ति और ₹20 हजार पेंशन की मांग

यूनियन ने सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष किए जाने और सेवानिवृत्ति के बाद ₹20,000 मासिक पेंशन देने की मांग रखी है। इसके अलावा हर पांच वर्ष में पदोन्नति, मिनी आंगनवाड़ी का मुख्य केंद्र में विलय और 40 दिन के वार्षिक अवकाश की व्यवस्था भी मांगी गई है।

पोषण ट्रैकर पर सवाल, अतिरिक्त भत्ते की मांग

पोषण ट्रैकर ऐप को लेकर भी संगठन ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं के कारण काम प्रभावित हो रहा है। डेटा एंट्री के लिए ₹2,000 अतिरिक्त भत्ता और पोषण ट्रैकर को हिंदी में संचालित करने की मांग की गई है।

आईसीडीएस निजीकरण पर रोक और व्यवस्था सुधार की मांग

आईसीडीएस के निजीकरण पर रोक, फेस कैप्चर/आधार आधारित व्यवस्था में सुधार और टेक होम राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। संगठन का कहना है कि 3 से 6 वर्ष के बच्चों की शिक्षा, पोषण और देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

संगठन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार द्वारा जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन में अंजली श्रीवास्तव जिला अध्यक्ष, लीला बांधव जिला महासचिव,जयंती मार्को जिला सचिव, उर्मिला पाव
कोषाध्यक्ष,निर्मला केवट, देवमाती, आशा साहू,सोम कुमारी,रुखसाना बेगम,रथे बाई,लीला पानका, सुनीता श्रीवास्तव,गीता,सुमित्रा,चंपा वती, आदि कार्यकर्ताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया!

Bole To Bawal
Author: Bole To Bawal

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