
बोले तो बवाल। Anuppur News:
धार्मिक आस्था को झकझोर देने वाला एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जयपुर के प्रतिष्ठित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर चोरी कांड में राजस्थान पुलिस और मध्यप्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने न सिर्फ चोरी की गुत्थी सुलझा दी, बल्कि इस अपराध के पीछे छिपी अंदरूनी साजिश को भी उजागर कर दिया है।
इस सनसनीखेज मामले में मंदिर का पुजारी ही मुख्य आरोपी निकला, जिसने अपने ही मंदिर की पवित्रता को दांव पर लगाकर लाखों रुपये की चोरी की साजिश रची।
करीब 10 लाख रुपये कीमत के चांदी के 9 छत्र और विशाल चांदी का शेषनाग पुलिस ने बरामद कर लिया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनसे अब जयपुर में आगे की पूछताछ की जाएगी।
जयपुर के मंदिर में कैसे हुई थी लाखों की चोरी?
घटना 7 और 8 दिसंबर 2025 की दरम्यानी रात की है। जयपुर के भगत सिंह मार्ग स्थित सी-स्कीम क्षेत्र में बने प्रसिद्ध श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में अज्ञात चोरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
चोरों ने मंदिर के गर्भगृह में रखे गए—
.चांदी के 9 नग छत्र
.विशाल चांदी का शेषनाग
को निशाना बनाया और बिना किसी शोर-शराबे के चोरी कर फरार हो गए।
सुबह जब मंदिर के पुजारी और श्रद्धालु पहुंचे, तो मंदिर से चांदी के बहुमूल्य आभूषण गायब देख हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना अशोकनगर, जयपुर सिटी साउथ में धारा 305 (डी), बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
MP–Rajasthan Police Joint Operation से टूटी चोरी की साजिश
चोरी के बाद जयपुर पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो कई अहम सुराग मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले से जुड़ते नजर आए। इसके बाद राजस्थान पुलिस की एक विशेष टीम अनूपपुर पहुंची।
अनूपपुर कोतवाली थाना प्रभारी अरविंद जैन के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और लगातार निगरानी के बाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी।
अनूपपुर से गिरफ्तार हुआ सत्यम केवट, 2.8 किलो चांदी बरामद
संयुक्त पुलिस टीम ने सत्यम केवट (उम्र 25 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और उसकी निशानदेही पर चोरी गया करीब—
.2 किलो 800 ग्राम चांदी
.9 चांदी के छत्र
.विशाल चांदी का शेषनाग
बरामद किया गया। बरामद चांदी की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है।
जयपुर ले जाकर होगी आगे की पूछताछ
दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जयपुर, राजस्थान ले जाया गया है। पुलिस का कहना है कि—
.चोरी में और कौन-कौन शामिल था
.चोरी का सामान बेचने की योजना क्या थी
.क्या इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं
इन सभी बिंदुओं पर गहन जांच की जा रही है।
आस्था से जुड़े अपराधों पर बड़ा सवाल
इस पूरे मामले ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जिस पुजारी पर श्रद्धालु आंख बंद कर भरोसा करते हैं, उसी का इस तरह अपराध में शामिल होना समाज के लिए चिंता का विषय है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ चोरी का खुलासा नहीं, बल्कि आस्था से जुड़े अपराधों में छिपी अंदरूनी साजिशों के खिलाफ एक सख्त संदेश भी है।
बोले तो बवाल की नजर
जयपुर मंदिर चोरी कांड में अनूपपुर का नाम जुड़ना और पुजारी का आरोपी निकलना इस केस को और भी सनसनीखेज बना देता है। यह मामला बताता है कि अपराधी किसी भी रूप में हो सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।









1 thought on “जयपुर मंदिर चोरी में अनूपपुर का कनेक्शन, MP–Rajasthan पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 10 लाख का माल बरामद”
रक्षक ही भक्षक बने तो कैसे चलेगा देश
यदि वास्तव में पुजारी दोषी है तो कठोर से कठोर दण्ड दिया जाना चाहिए